आत्मा और शरीर का संबंध।

मनुष्य अपने जीवन का अधिकांश समय शरीर की आवश्यकताओं, सुविधाओं और सुरक्षा में ही लगा देता है। धीरे-धीरे वह अपनी पहचान अपने शरीर, रूप, आयु और सामाजिक भूमिका से जोड़ लेता है। इसी कारण Atma aur sharir ka sambandh उसके…

मनुष्य अपने जीवन का अधिकांश समय शरीर की आवश्यकताओं, सुविधाओं और सुरक्षा में ही लगा देता है। धीरे-धीरे वह अपनी पहचान अपने शरीर, रूप, आयु और सामाजिक भूमिका से जोड़ लेता है। इसी कारण Atma aur sharir ka sambandh उसके…

आज का मनुष्य बाहर से जितना सक्रिय और व्यस्त दिखाई देता है, भीतर से उतना ही बिखरा हुआ महसूस करता है। दिन भर की भागदौड़, जिम्मेदारियों का बोझ और निरंतर अपेक्षाएँ जीवन को आगे तो ले जाती हैं, पर भीतर…

मनुष्य का पूरा जीवन जैसे एक ही धुरी पर घूमता है— Sukh Aur Dukh। जन्म से लेकर मृत्यु तक, हर निर्णय, हर प्रयास और हर संघर्ष कहीं न कहीं इन्हीं दो अनुभवों से जुड़ा होता है। हम जिसे जीवन कहते…

आज का आधुनिक जीवन एक endless दौड़ बन गया है—डिग्री, जॉब, पैसा, सोशल स्टेटस, और “next milestone”। बाहर से सब कुछ चल रहा होता है, लेकिन अंदर कहीं एक खालीपन धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। यही वो जगह है जहाँ Jeevan…

Manglik Dosh का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में डर, असमंजस और नकारात्मक धारणाएँ बन जाती हैं। विवाह में देरी, रिश्तों में तनाव और जीवन में बाधाएँ—इन सबका दोष अक्सर सीधे मांगलिक दोष पर डाल दिया जाता है।…

कुछ कुंडलियाँ केवल भविष्य नहीं बतातीं, वे मनुष्य के भीतर चल रहे अदृश्य युद्ध को भी उजागर कर देती हैं—और यही Kundli Analysis का वास्तविक उद्देश्य होता है। यह लेख ऐसी ही एक Kundli का विश्लेषण है, जहाँ विज्ञान, बुद्धि…

“Vish Dosh Kya Hota Hai” — यह प्रश्न अक्सर उन्हीं लोगों के मन में उठता है जो बिना किसी स्पष्ट कारण के मानसिक अशांति, डर, घबराहट, एकांतप्रियता, नकारात्मक विचारों और जीवन में बार-बार अवरोधों का अनुभव कर रहे होते हैं।…

जब सूर्य का तेज़ आत्मविश्वास, अधिकार और मान-सम्मान का प्रकाश बनकर कुंडली में उदित होता है, और उसी क्षण बुध की बुद्धि, वाणी, निर्णय क्षमता और अभिव्यक्ति की शक्ति उसके साथ जुड़ती है—तभी जन्म लेता है वह अद्वितीय Budh Aditya…

॥ श्री गणेशाय नमः । श्री सरस्वत्यै नमः । श्री गुरुभ्यो नमः ॥ शनि की साढ़ेसाती क्या है? Shani Sade Sati – शनि की साढ़ेसाती जीवन का वह समय है जब शनि ग्रह चंद्रमा के आसपास ढाई-ढाई साल के अंतर…

॥ श्री गणेशाय नमः । श्री सरस्वत्यै नमः । श्री गुरुभ्यो नमः ॥ गुरु चांडाल योग क्या होता है? Guru Chandal Yog उस समय बनता है जब कुंडली में बृहस्पति (गुरु) का राहु के साथ युति संबंध हो जाता है।…