Month October 2025

भावत भावम सिद्धांत – भाग 1 : सिद्धांत की नींव और मूल गणना।

Bhavat Bhavam Theory In Hindi

भूमिका: जब भाव से भाव देखने की आवश्यकता पड़ती है! ज्योतिष केवल ग्रहों और भावों की एक यांत्रिक गणना नहीं है, बल्कि यह चेतना और जीवन के बीच छिपे संबंधों को समझने की कला है। हममें से अधिकतर लोग कुंडली…

अहंकार का विनाश और विनम्रता का उत्कर्ष।

Ahankar aur Vinamrata का प्रतीक चित्र — एक राजसी योद्धा और एक विनम्र साधक का रेखाचित्र, जो जीवन में ज्ञान, शक्ति और नम्रता के संतुलन को दर्शाता है।

अहंकार का असली स्वरूप Ahankar aur Vinamrata में अहंकार वह अदृश्य जाल है जो व्यक्ति के भीतर पनपकर उसकी चेतना को बांध देता है। यह सत्ता में हो तो दूसरों को छोटा दिखाने का भाव बन जाता है, सौंदर्य में…

चौघड़िया क्या है? चौघड़िया देखने का महत्व, प्रकार, गणना और उपयोग।

Choghadiya Muhurat Kya Hota Hai?

चौघड़िया देखना क्यों आवश्यक है? हिन्दू संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले शुभ मुहूर्त का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह मान्यता केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहन ज्योतिषीय तर्क…

मीन लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Meen Lagna Kundali me Yogkarak aur Marak Grah

Meen Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को भावुक, दयालु और संवेदनशील स्वभाव का बनाती है। इस कुंडली में योगकारक ग्रह जीवन को शक्ति और सफलता की ओर ले जाते हैं, वहीं…

कुंभ लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Kumbh Lagna Kundali me Yogkarak aur Marak Grah

Kumbh Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को प्रखर बुद्धि के साथ-साथ दयालुता का भाव प्रदान करती है। इस कुंडली में योगकारक ग्रह जीवन को शक्ति और सफलता की ओर ले जाते…

मकर लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Makar Lagna Kundali me Yogkarak aur Marak Grah

Makar Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को अत्यंत गंभीर, परिश्रमी और महत्वाकांक्षी बनाती है। इस कुंडली में योगकारक ग्रह जीवन को शक्ति और सफलता की ओर ले जाते हैं, वहीं मारक…

धनु लग्न कुंडली में योगकारक और मारक ग्रह।

Dhanu Lagna Kundali me Yogkarak aur Marak Grah

Dhanu Lagna Kundali ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष स्थान रखती है क्योंकि यह लग्न जातक को अत्यंत आशावादी, उत्साही और उदार बनाती है। इस कुंडली में योगकारक ग्रह जीवन को शक्ति और सफलता की ओर ले जाते हैं, वहीं मारक…

‘राम’ – रोम-रोम में प्रकाशित चेतना का प्रतीक।

Ram ka Arth: 3 Spiritual Keys From Darkness to Light

‘राम’ शब्द केवल एक नाम नहीं, यह अनुभूति है। ‘रा’ का अर्थ है — प्रकाश और ‘म’ का अर्थ है — आत्मा या मन। जब मन में प्रकाश प्रकट होता है, तो ‘राम’ का उदय होता है। यही कारण है…

समुद्र मंथन : मानव शरीर, चेतना और शिवत्व की प्राप्ति का रहस्य।

Samudra Manthan का रहस्य — जब विष से निकला शिवत्व

Samudra Manthan — एक ऐसी पौराणिक कथा, जिसे बचपन में हमने देवताओं और दैत्यों के युद्ध के रूप में सुना, पर वास्तव में यह मनुष्य के भीतर चल रही चेतना की यात्रा का गहरा प्रतीक है। यह कथा हमें बताती…

ध्यान कैसे करें और एकाग्रता कैसे बढ़ाएँ? सम्पूर्ण मार्गदर्शन

Aadhyatmikta

मानव जीवन की सफलता, शांति और आत्मिक विकास के लिए दो शब्द अत्यंत महत्वपूर्ण हैं — Dhyan aur Ekagrata। यह दोनों शब्द सुनने में सरल लगते हैं, पर वास्तव में गहराई से देखें तो ये जटिल भी हैं और जीवन…